Mughal empire ki kahaniya.

Mughal empire ki kahaniya-अकबर to
जहांगीर:


अकबर मुगल साम्राज्य का सभी सम्राट मे से सबसे महान सम्राट था।अकबर के शासनकाल के से ही मुगलों का शासन सेहीसे शुरू हुआ था,क्योंकि Baburऔर Humayun दोनों ही बहुत कम समय शासन किया था।


जब अकबर का पिता का मृत्यु हुआ था तब अकबर बहुत छोटा था, और बैराम खान उसका देखभाल करता था। 


सिंहासन को हासिल करने के बाद अकबर को मुगल साम्राज्य का मजबूती को प्रतिष्ठित करना पारा था और उन territories को फिरसे हासिल करना सुरु कर दिया था जिसको मुग़लो को पहले खोना पड़ा था।


उनके दुश्मन अब उनसे बदला लेने के लिये उनको लड़ाई लड़ने की चुनौती दी थी।फिर एक दिन पानीपत में एक ऐतिहासिक लड़ाई लड़ा गया था। 


और उस युद्ध मे अकबर उनका दुश्मनों को हरा दिया था और अकबर विजयी हो गया था। और इस युद्ध मे जितने के बाद अकबर  मुगल साम्राज्य को भारत में स्थायी रूप से स्थापित किया था। 


 बैराम खान अभी भी उसके देखभाल करता था, और अब बो एक शक्तिशाली raja बनना चाहता था। 


 एकबार अकबर ने एक tactical mistake किया था पीर मुहम्मद नाम की एक आदमी को दाइत्व दिया था ये देखने की केया  बैराम खान साम्राज्य की बाहर गया है या नेही।


बैराम इसको खुदका एक अपमान समझ रहाथा क्युकी वो उसका दुश्मन था, और वो इसके खिलाफ अकबर के पास शिकायत की थी । 


लेकिन वो फिर भी कुछ नेही कर पाया और बो पराजित हो गया।   फिर एक दिन एक अफगान ने बेराम खान को मार डाला था।


सौभाग्य की बात ये है की उनका परिबार बच गया था और उसके पुत्र अब्दुर रहीम को अकबर ने अपने पास रखा। 


बैराम के हात से साम्राज्य का control उनके पास आने का बाद भी उनको साम्राज्य का full control नेही मिला था।


उनकी पालक मां Maham Anaga और उनके बेटे आदम खान और उनके कुछ परिवार राज्य पर एक अनुचित दबा कर रहा था। 


 चौदह साल की उमर मे युबा अकबर को अपने साम्राज्य पर पूर्ण नियंत्रण मिला था। अकबर अब consolidation और विस्तार की प्रक्रिया को शुरू कर दिया था।



अकबर के समय पर मुगल साम्राज्य एक बहुत अच्छा position मे चला गया था, और उनके समय पर कला और अर्थव्यवस्था में भी बहुत उन्नति हुआ था।


 अकबर ने 51 साल तक शासन किया था जो मुगल सम्राटों के बीच सबसे लंबा शासनकाल था। अकबर मुगलों के बीच सबसे able  शासकों में से एक था और बो भारतीय इतिहास में सबसे महान सम्राटों में से एक था।


अकबर का चरित्र बहुत अच्छा था इसके साथ साथ बो एक बहुत बुद्धिमान और open minded  शासक भी था। 


वह एक सक्षम प्रशासक भी था और इसके साथ ही एक सक्षम सैनिक भी था। वो बहुत साहसी था,अक्सर उन्होंने अपने जीवन को खतरे में डालदेना था कामको हासिल करने के लिये,और बो  बहुत शक्तिशाली भी था।


वह एक बहुत दयालु शासक था।और बो एक महान सम्राट होने के बावजूद भी उन लोगों के लिए क्रूर नहीं था जिन्हें उन्होंने पराजित किया था। 


अकबर vengeful नहीं था और बो आमतौर पर उन लोगों को क्षमा कर देता था(कुछ मामलो को छोड़कर जो उनके लिये माप करना possible नेही होता था )जो उनके खिलाफ काम करता था। 


अकबर के पास जबरदस्त आत्म नियंत्रण था और उत्कृष्ट शिष्टाचार भी था। 


 अकबर के पास बीरबल नाम का एक बहुत बुद्धिमान और सक्षम courtier था। 


अकबर हमेसा अपने diet को हमेसा control करता था और ज्यादा नेही खाता था।अकबर को पड़ना, लिखना पता नेही था,लेकिन कोई ये समझ नेही पता था की वो एक learned man नेही है।


उनको साहित्य और दर्शन बहुत अच्छा लगता था, और उनका mind बहुत अच्छा था और उनका दिमाग़ भी बहुत तेज़ था। उन्होंने किताब से भारी हुई एक बिशाल library बनाया था, और बहा पे और बहुत सारे लोग को इकट्ठा करके किताब परता था। 


 अकबर कला और वास्तुकला के उत्सुक संरक्षक भी था और ऐसे कई काम उसने अपने समय में करा था।


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धर्म के मामले मे वो बहुत अच्छा शासक था, सभी धर्म को वो एक ही दृष्टि से देखता था, किसी भी धर्म को वो छोटा नेही करता था।उसने एक हिन्दू राजकुमारी को सादी भी किया था। 


उन्होंने हिन्दुओ की सेबा के लिये बहुत सारा प्रयास भी किया था, और उनको एक एक अच्छी treatment उपलब्ध करबाया था। 


अकबर ने धर्म के मामले मे बहुत open minded था और बो सभी धर्म के बारेमे जानने के लिये सभा भी आयोजित करता था।  


उन्होंने Din-I-illahi नाम की एक नए धर्म का निर्माण किया था। 

अकबर ने कभी भी किसी का जबरदस्ती धर्मान्तरण नेही किया था। 

 

 अकबर का बेटा Selim  (बाद में जिसका नाम हुआ था जहांगीर) सिंहासन को पाने के लिए बहुत उत्सुक था, खुद को एक स्वतंत्र राजा के रूप में स्थापित किया था,और अकबर को अपने सारे power से बंचित कर दिया। 


 और ऐसे करके एकदिन Selim सिंहासन पर पूरी कब्ज़ा ज़माने मे सफल होगया था।


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