akbar birbal ki story

Akbar birbal ki story-latest hindi story :

akbar birbal ki story पड़ने के liye इस post ko jarur visit kare. 4 best akbar birbal ki story: 

1.The three questions,

2.King's  stolen ring story,

3.Birbal caught the thief,

4.Half the reward,


1.The three questions( तीन सवाल) -akbar birbal ki story मै courtier ने birbal को जो तीन questions पूछा था बो केया हे?

Story:तीन सवाल

राजा अकबर बीरबल का बहुत शौकीन था।Ye सब देखके ek courtier को बहुत ईर्ष्या होता था ।वो courtier हमेसा से ही मुख्यमंत्री बनना चाहता था, लेकिन यह संभव नहीं था क्योंकि बीरबल ने उस position पे था।

akbar birbal ki story
अकबर,  बीरबल

एक दिन अकबर ने courtier  के सामने बीरबल का प्रशंसा की। इससे courtier को बहुत गुस्सा आया, और उन्होंने कहा कि, राजा ने birbal ki झूटी प्रशंसा की।


और फिर बोला, यदि बीरबल mera तीन सवालों का जवाब दे सकता है, तो वो भी इस तथ्य को स्वीकार करेगा कि बीरबल बुद्धिमान है । 


अकबर हमेशा बीरबल के बुद्धि का परीक्षण करना चाहता था, इस लिए तैयार हो गया । तीन प्रश्न थे 1. आकाश में कितने सितारे हैं 2. पृथ्वी का केंद्र कहां है और 3. दुनिया में कितने पुरुष और कितने महिलाएं हैं।


तुरंत अकबर ने बीरबल से तीन सवाल पूछे और उन्हें सूचित किया कि अगर वह उनका जवाब नहीं दे सके, तो उन्हें मुख्यमंत्री के पाद से इस्तीफा देना होगा।


पहले प्रश्न का उत्तर देने के लिए, बीरबल ने एक बालों वाली भेड़ें ko लिया और कहा, "आकाश में उतने ही  सितारे हैं, जितना इस भेड़ें के शरीर पर बाल हैं।


मेरा दोस्त courtier ko मे wel come करती हु इसे गिनने के लिए अगर उन्हें कोई सक है तो। 


दूसरे प्रश्न का उत्तर देने के लिए, बीरबल ने फर्श पर कुछ line draw करा aur फिर उसमे  एक लोहे की छड़ी को घुसा दिया और कहा, "यह पृथ्वी का केंद्र है, अगर courtier को कोई संदेह है तो बो यह खुद माप सकता है।"


तीसरे सवाल के जवाब में, बीरबल ने कहा, "दुनिया में पुरुषों और महिलाओं की सटीक संख्या की गणना करना एक समस्या होगी, क्योंकि हमारे courtier जैसे कुछ नमूने हैं जिन्हें आसानी से किसी भी category मे रख nehi sakta ।


इसलिए यदि उसके जैसे सभी लोग मारे जाते हैं,  तभी सटीक संख्या की गणना कर सकते हैं।


The three questions story का नैतिक(moral):

सोचने पर apko हमेशा एक रास्ता jarur मिलेगा ।

😀😀😀


2.King's  stolen ring story(राजा की चोरी हुई अंगूठी)-Akbar aur Birbal ki hindi story :

Story:राजा की चोरी हुई अंगूठी

"एक दिन, अकबर ने अपनी अंगूठी खो दी थी । जब बीरबल court  में पहुंचा, अकबर ने उनसे कहा," मैंने अपनी अंगूठी खो दी है। मेरे पिता ने मुझे उपहार के रूप में उस अंगूठी को  दिया था। कृपया उसे dhunne में मेरी मदद करें।


" बीरबल ने कहा, "अपनी उसका चिंता मात करें, मुझे अभी आपके अंगूठी मिल जाएगी।" Birbal ने बोला , "आपके अंगूठी इस  court में ही है, यह court, का ही किसी मंत्री के पास है।


जिस courtier के दाढ़ी मे straw है उनके पास ही आपका अंगूठी है। " 


जो courtier के पास अंगूठी थी, वह चौंक गया और तुरंत अपने दाढ़ी पर अपना हात ले गया। बिरबल ने उस व्यक्ति का इस काम को देखा।


उन्होंने तुरंत उस courtier के  ओर इशारा किया और कहा, " इस आदमी को search kare । उसके पास ही सम्राट की अंगूठी है।"


अकबर ये समझ ही नहीं पाया ki बीरबल ने कैसे अंगूठी को खोजने में कामयाब हुये । बीरबल ने अकबर को बताया कि एक दोषी व्यक्ति हमेशा डरता है। 


King's  stolen ring story का

नैतिक(moral):

एक दोषी विवेक का  कोई आरोप नहीं होता। 

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3.Birbal caught the thief (बीरबल ने चोर को पकड़ा )-akbar birbal ki story मै birbal ने kaise ब्यापारी के घरमे चोरी करने बाली चोरको पकड़ा था?


Story:बीरबल ने चोर को पकड़ा


एक बार एक समृद्ध व्यापारी के घर लूट लिया गया था। व्यापारी ने संदेह किया कि,  चोर उनके सेवकों में से एक था। तो वह बीरबल के पास गया और इस घटना का उल्लेख किया।

Birbal caught the thief -akbar birbal ki story
व्यापारी

बीरबल उसका  घर पर गया और उनका सभी कर्मचारियों को इकट्ठा किया और पूछा, कि, व्यापारी की चीजों को किसने चुराया है । हर कोई इनकार कर दिया।


बीरबल ने एक पल के लिए सोचा, फिर व्यापारी के सभी कर्मचारियों को समान लंबाई की एक छड़ी दी और उनसे कहा कि असली चोर की छड़ी कल दो इंच तक लंबी हो जाएगी। 


सभी नौकरों को कल फिर से अपनी stick के साथ उपस्थित होना होगा । सभी नौकरों अपने अपने घरों में गए और अगले दिन उसी स्थान पर फिर से इकट्ठे हुए। बीरबल ने उन्हें अपने अपने stick को  दिखाने के लिए कहा।


नौकरों में से एक के पास, दो इंच कम ki height का ek stick था । बीरबल ने कहा, "यह तुम्हारा चोर है, व्यापारी।" बाद में व्यापारी ने बीरबल से पूछा, "आपने उसे कैसे पकड़ लिया?"


बीरबल ने कहा, "चोर ने रात में उसका छड़ी को दो इंच कम कर दिया था, ये सोचकर की उसकी छड़ी सुबह तक दो इंच और लंबी हो जायेगी ।" 


Birbal caught the thief story का

नैतिक(moral ):

सत्य हमेशा प्प्रकाश होता है । 


4.Half the reward(आधा इनाम )-akbar birbal ki story मे mahesh das ने गार्ड को kaise sabak सिखाया था?

Story :Adha inam (आधा इनाम )

Mahesh  दास अकबर के राज्य में एक नागरिक था । वह एक बुद्धिमान युवक था। एक बार जब अकबर जंगल में शिकार कर रहा था, तो उसने अपना रास्ता खो दिया था ।


बाहरी इलाके में रहने वाले महेश दास ने, राजा को महल तक पहुंचने में मदद की थी ।


सम्राट ने उसे अपनी अंगूठी के साथ पुरस्कृत किया था । सम्राट ने उन्हें अपनी court में एक जिम्मेदार पद देने का भी वादा किया था ।


कुछ दिनों के बाद महेश दास अदालत में गए।Guard ने उसे प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी। 


महेश दास ने गार्ड को ring  दिखाया जिसे राजा ने उसे दिया था। अब गार्ड ने सोचा कि जवान आदमी राजा द्वारा अधिक पुरस्कार प्राप्त करने बाले है ।


लालची गार्ड उसे एक शर्त पर अदालत के अंदर जाने का अनुमति देने पर सहमत हुए। यह था कि महेश दास को सम्राट से प्राप्त होने बाला इनाम का half उसे dena होगा । महेश दास ने इस शर्त को स्वीकार किया।


उसके बाद उसने अदालत में प्रवेश किया और अंगूठी को राजा को दिखाया।


राजा ने उससे पूछा कि ओह young मैन! आप हिंदुस्तान के राजा से इनाम के रूप में क्या उम्मीद करते हो ? महिमा! मैं आपसे इनाम के रूप में 50 lash का  उम्मीद करता हूं।

Half the reward-akbar birbal ki story:
महेश दास

महेश दास का जवाब सुनकर courtiers डर गया। उन्होंने सोचा कि वह पागल है । अकबर ने उसका अनुरोध के बारेमे सोचा और फिर उससे इसके बारेमे पूछा।


महेश दास ने कहा कि वह उनको, अपना इनाम प्राप्त के बाद इसका कारण बताएंगे। तब राजा के लोगों ने उसे अपनी इच्छा के अनुसार मरता रहा ।


25 वें lash मरने के बाद महेश दास ने राजा को गार्ड को गार्ड को बुलाने का अनुरोध किया।


 और phir गार्ड राजा के सामने आया । वह इस विचार से खुश था कि उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा । लेकिन वो आश्चर्य हुआ क्युकी , महेश दास ने राजा को बताया जहाँपाना !


यह लालची गार्ड मुझे इस स्थिति पर अंदर आने दिया था कि, mujhe अपना आधा इनाम उसे dena होगा जो भी मे आपसे प्राप्त करूँगा।


मैं उसे एक सबक सिखाना चाहता था। कृपया इस गार्ड को शेष 25 lash दें, ताकि मैं अपने वादे को रख सकूं। तब राजा ने आदेश दिया कि गार्ड को 5 साल की कारावास के साथ 25 lash दिया जाये ।


राजा महेश दास के काम से  बहुत खुश हुआ था । 


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